Skip to main content

राजस्थान: गहलोत-पायलट की साझा रैली के साथ चुनावी मैदान में कांग्रेस







राजस्थान में शुक्रवार से कांग्रेस ने भी वसुंधरा राजे के गौरव यात्रा के जवाब में चुनावी रैलियों की शुरुआत कर दी. चित्तौड़गढ़ जिले के कृष्ण सावलिया धाम में आज कांग्रेस की संकल्प रैली की शुरुआत के साथ ही कांग्रेस से सभी बड़े नेताओं ने मिलकर चुनावी शंखनाद करते हुए आगामी चुनाव में कांग्रेस की सरकार बनाने का संकल्प लिया. राजस्थान प्रभारी अविनाश पांडे, गहलोत और पायलट को लेकर एक साथ रैली करने की रणनीति पर चल रहे हैं ताकि गहलोत की लोकप्रियता और पायलट के नेतृत्व को लेकर सवाल उठने से पार्टी को नुकसान न हो.

मेवाड़ संभाग के चारभुजा से भाजपा की गौरव यात्रा के बाद अब कांग्रेस ने भी मेवाड़ के ही सांवलिया धाम से शुक्रवार को संकल्प रैली निकालकर चुनावी बिगुल बजा दिया. कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री और महासचिव अशोक गहलोत, प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट और मेवाड़ के नाता सी.पी. जोशी ने भगवान कृष्ण की राजभोग की आरती के दर्शन किये और पूजा अर्चना की.

कांग्रेस के लिए पहली संकल्प रैली भीड़ के लिहाज से बेहद सफल रही. संकल्प रैली में मौजूद पदाधिकारियों के सामने आगामी चुनाव को देखते हुए संभाग के पार्टी पदाधिकारियों और दावेदारों ने जमकर शक्ति प्रदर्शन किया. इस मौके पर संभाग भर से कई वरिष्ठ पदाधिकारी और हजारों कार्यकर्ता मौजूद थे.

इस दौरान आयोजित सभा को सम्बोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने भाजपा सरकार पर जमकर प्रहार करते हुए आगामी चुनाव में कांग्रेस की सरकार बनने का दावा किया. उन्होंने कहा कि वसुधरा राजे मुख्यमंत्री की कुर्सी बचाने की लालच में लोगों को भ्रमित कर रही हैं. पायलट ने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर किसी भी किसान के आत्महत्या करने की नौबत नहीं आएगी. वहीं कोई भी नौजवान बेरोजगार नहीं रहेगा.

सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि वसुंधरा राजे सरकारी पैसों का दुरूपयोग कर  गौरव यात्रा निकाल रही हैं. केवल जनता के बीच मुंह दिखाकर वोट मांगने के नाम पर जनता को धोखा दिया जा रहा है. गहलोत ने कहा कि आगामी चुनाव में भाजपा को सबक सिखाते हुए ऐसी स्थिति कर दो कि सीटों की संख्या उंगलियों पर गिनने को मजबूर हो जाये. उन्होंने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस की मजबूत स्थिति के चलते आगामी चुनाव में कांग्रेस की जीत होगी

Popular posts from this blog

सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण की अधिसूचना जारी 

  सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए लाए गए मोदी सरकार के बिल के पास होने के बाद इसे संवैधानिक तौर से सोमवार को लागू कर दिया गया. सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने के संबंध में सोमवार शाम को अधिसूचना जारी कर दी गई. इसके साथ ही सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का संवैधानिक प्रावधान सोमवार से प्रभाव में आ गया. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की राजपत्रित अधिसूचना के अनुसार, ‘संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार 14 जनवरी को उस तारीख के रूप में चिह्नित करती है जिस दिन कथित कानून के प्रावधान प्रभाव में आएंगे.’ संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन के साथ ही एक उपबंध जोड़ा गया है. इसके जरिए राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी वर्ग के नागरिकों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान बनाने का अधिकार देता है. गौरतलब है कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने...

BSP से गठबंधन के बाद बोले अखिलेश यादव- BJP नेता- कार्यकर्ता पस्त, 

साथ आने को बेचैन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके भारतीय जनता पार्टी पर अटैक किया. उन्होंने लिखा कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. अखिलेश ने अपने ट्वीट में लिखा कि हमारे गठबंधन के बाद बीजेपी का बूथ चकनाचूर हो गया है. अब बीजेपी के लोग सपा-बसपा में शामिल होना चाहते हैं. बता दें, शनिवार को सपा ने मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन का ऐलान किया था. दोनों पार्टियां उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. अखिलेश यादव ने लिखा, 'बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व पूरा संगठन बल्कि कार्यकर्ता भी हिम्मत हार बैठे हैं. अब भाजपा बूथ कार्यकर्ता कह रहे हैं कि ‘मेरा बूथ, हुआ चकनाचूर’. ऐसे निराश-हताश भाजपा नेता-कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं.' बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर...

हिंदुत्व के साइनबोर्ड पर भाजपा संगठन और विकास के बूते लड़ सकती है 2019 का चुनाव

    भाजपा हिंदुत्व को नहीं छोड़ सकती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक बड़े अधिकारी का कहना है कि संघ भाजपा का मातृसंगठन है और उसका आधार हिंदुत्व है। संघ के मुख पत्र आर्गनाइजर ने अपने संपादकीय में भाजपा को हिंदुत्व और विकास के मुद्दे को समान महत्व देने का सुझाव दिया है। आर्गनाइजर की संपादकीय से साफ है कि भाजपा और संघ के भीतर हिन्दुत्व और हिन्दुत्व से जुड़े राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर गंभीर विमर्श चल रहा है। भाजपा के महासचिव राम माधव लंबे समय से संघ के अघोषित प्रवक्ता रहे हैं। उन्होंने अधिकारिक बयान देते हुए कहा है कि राम मंदिर निर्माण को लेकर आध्यादेश का विकल्प हमेशा रहा है। राम माधव का कहना है कि उच्चतम न्यायालय ने चार जनवरी को अगली बेंच के निर्धारण के लिए तारीख दी है। भाजपा को उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय फास्ट ट्रैक तरीके से इस मामले की सुनवाई करके जल्द फैसला देगी। राम माधव ने कहा कि ऐसा नहीं होता, तो अन्य विकल्पों पर विचार करेंगे। राम माधव के इस बयान को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा लखनऊ में दिए वक्तव्य से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा और के...