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दिल्ली में मंथन, BJP के ये 5 CM तय करेंगे 2019 में मोदी की वापसी




प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह आज दिल्ली में 15 बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ मिशन 2019 के लिए मंथन कर रहे हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत में देश के पांच राज्यों की अहम भूमिका रही थी. मौजूदा दौर में इन पांचों राज्यों में बीजेपी की सरकारें हैं.

बीजेपी शासित इन राज्यों में कुल 208 लोकसभा सीटें हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में इनमें से एनडीए को 193 सीटें मिली थीं.  बीजेपी को 172 सीटों और सहयोगी दलों को 21 सीटें मिली थीं. ऐसे में 2019 में मोदी की सत्ता में दोबारा से वापसी का दारोमदार इन्हीं पांचों राज्यों के मुख्यमंत्रियों पर निर्भर है.

1. उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ पर भरोसा

नरेंद्र मोदी का सारा दारोमदार उत्तर प्रदेश पर टिका हुआ है. यूपी की सत्ता पर योगी आदित्यनाथ काबिज हैं. पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से 71 जीतने में कामयाब रही थी. इसके अलावा 2 सीटें बीजेपी की सहयोगी अपना दल को मिली थी. इस तरह से एनडीए को 73 सीटें मिली थीं. इसके अलावा 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी ऐतिहासिक जीत हासिल करके सत्ता पर विराजमान हुई थी.

लेकिन इस बार सपा-बसपा के करीब आने से बीजेपी का समीकरण बिगड़ता हुआ नजर आ रहा है. 2014 के बाद से तीन लोकसभा सीटों पर उपचुनाव हुए हैं. बीजेपी ये तीनों सीटें गंवा चुकी है. ऐसे में मौजूदा समय में बीजेपी के पास 68 सीटें बची हैं. पार्टी के लिए 2014 जैसे नतीजे दोहराना आसान नहीं है.

2. मध्य प्रदेश: शिवराज चौहान पर दांव

मध्य प्रदेश की सत्ता पर पिछले 13 साल से शिवराज सिंह चौहान काबिज हैं. जबकि बीजेपी 15 साल से सत्ता में है. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी राज्य की कुल 29 लोकसभा सीटों में से 27 सीटें जीतने में कामयाब रही थी. हालांकि बाद में हुए रतलाम-झाबुआ संसदीय सीट पर उपचुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था. इस तरह फिलहाल बीजेपी के पास 26 सीटें हैं.

2019 में पीएम मोदी की वापसी की उम्मीदों भरे राज्य में मध्य प्रदेश का नाम भी आता है. शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ जिस तरह से सत्ता विरोधी लहर दिख रही है. लोकसभा से पहले इस साल होने वाला विधानसभा चुनाव राज्य के सियासी मिजाज को तय करेगा. लेकिन राज्य में हुए उपचुनाव के नतीजों को देखें तो पिछले नतीजे को दोहराना बीजेपी के लिए एक बड़ी चुनौती है.

3. राजस्थान: वसुंधरा राजे के राज में फिर दोहराएगा इतिहास

2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को देश की सत्ता के सिंहासन तक पहुंचाने में राजस्थान की अहम भूमिका रही है. राज्य की कुल 25 लोकसभा सीटें हैं, बीजेपी ने विपक्ष का सफाया करते हुए 25 की 25 सभी सीटें जीतने में कामयाब रही थी. हालांकि बाद में अजमेर और अलवर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी को कांग्रेस के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा था. इस तरह से बीजेपी के पास फिलहाल 23 सीटें बची है.

राजस्थान में वसुंधरा राजे मुख्यमंत्री हैं. ऐसे में राज्य में नतीजे दोहराने की जिम्मेदारी भी वसुंधरा राजे के कंधों पर हैं. वसुंधरा राजे के खिलाफ जिस तरह से सत्ता विरोधी लहर नजर आ रही है. ऐसे में लोकसभा से पहले होने वाले विधानसभा चुनाव के नतीजे 2019 की दशा और दिशा तय करेंगे. हालांकि, 2014 जैसे नतीजे दोहराना बीजेपी के लिए आसान नहीं है.

4. गुजरात: रुपाणी बीजेपी कि रिकॉर्ड को बरकरार रख पाएंगे

गुजरात बीजेपी का सबसे मजबूत दुर्ग माना जाता है. बीजेपी पिछले दो दशक से सत्ता पर काबिज है. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने विपक्ष का सफाया कर दिया था और राज्य की सभी की सभी 26 लोकसभा सीटें जीतने में कामयाब रही थी.

नरेंद्र मोदी के दिल्ली के सिंहासन पर विराजमान होने के बाद से राज्य में बीजेपी की पकड़ कमजोर हुई है. इसी का नतीजा है कि बीजेपी दो दशक में पहली बार पिछले साल हुए विधानसभा के चुनाव में 100 सीटों के नीचे आई है. जबकि कांग्रेस का ग्राफ बढ़ा है. गुजरात की सत्ता पर विजय रुपाणी काबिज हैं, लेकिन नरेंद्र मोदी जैसा तेवर और अंदाज न होने के चलते कई बीजेपी की राह में कई मुश्किलें नजर आ रही है. रुपाणी राज में बीजेपी पिछले रिकॉर्ड को दोहराए ये कहना मुश्किल है.

5. महाराष्ट्र: फडणवीस की अग्निपरीक्षा

2019 में नरेंद्र मोदी की वापसी का दारोमदार में महाराष्ट्र अहम भूमिका रहेगी. महाराष्ट्र में कुल 48 लोकसभा सीटें हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी 23 और उसकी सहयोगी शिवसेना 18 सीटें जीतने में कामयाब रही थी. कांग्रेस 2 और एनसीपी 4 सीटों पर सिमट गई थी. जबकि एक सीट स्वाभिमान पक्ष को गई थी. हालांकि बीजेपी के गोंदिया संसदीय सीट से सांसद के पार्टी छोड़ने के बाद हुए उपचुनाव में एनसीपी ने जीत

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