Skip to main content

5 महीने से खड़ी स्कूटी, CM के पास छात्राओं को देने का समय नहीं




राजस्थान में छात्राओं को वितरित की जाने वाली स्कूटी 5 महीने पहले ही खरीद ली गई है, लेकिन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पास इसके वितरण को लेकर समय ही नहीं है. कहा जा रहा है कि राज्य की बीजेपी सरकार विधानसभा चुनाव के करीब आने का इंतजार कर रही है.

'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ'... बीजेपी के इस नारे को लेकर राजस्थान में खुद इसी पार्टी की सरकार कितनी गंभीर है, इसका नजारा जयपुर जिले में देखने को मिल रहा है. यहां पिछले पांच महीने से आदिवासी छात्राओं को बांटी जाने वाली स्कूटी धूल खा रही हैं, लेकिन राज्य सरकार के पास उन्हें बांटने के लिए वक्त ही नहीं निकल पा रहा.

जिम्मेदार लोग कह रहे हैं कि राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे से वक्त मांगा गया है. कोशिश की जा रही है कि सीएम वक्त दे दें तो उन्हीं के हाथों से छात्राओं में स्कूटी बांटी जाएं. वहीं छात्राओं का कहना है कि पढ़ाई पूरी होने को है, लेकिन स्कूटी का इंतजार खत्म नहीं हो रहा.

मार्च में ही खरीद ली गई थी स्कूटी

जयपुर से करीब 45 किलोमीटर दूर बस्सी तहसील के तुंगा गांव में अनुसूचित जनजाति के छात्रावास में कमरों में ठूंस-ठूस कर रखी गई इन स्कूटी को देखकर यही लगता है कि ये किसी कंपनी का गोदाम है. लेकिन हकीकत कुछ और ही है. ये स्कूटी मार्च के महीने में सरकार ने जनजातीय छात्राओं को बांटने के लिए मांड योजना के तहत खरीदी थीं.

स्कूटी तो खरीद ली गई, लेकिन सरकार को इन्हें बांटने के लिए वक्त नहीं मिल पा रहा. इसी वजह से तरह सील करके स्कूटी रखी हुई हैं. खिड़कियां खुली होने की वजह से स्कूटी धूल फांक रही हैं.

'3-3 लड़के करते हैं सुरक्षा'

स्कूल के प्रधानाचार्य रमेशचंद मीणा स्कूटी सुरक्षित रखने को लेकर अपनी परेशानी गिनाते हैं. उनका कहना है, 'अलग से तीन पारियों में तीन-तीन लड़कों को स्कूटी की सुरक्षा में लगाए रखता हूं. क्या करूं 54,000 रुपए की एक स्कूटी है, एक भी इधर-उधर हो गई तो जिम्मेदारी हमारे ऊपर आएगी.'

सरकार के नियम के मुताबिक 65 फीसदी नंबर लाने वाली आदिवासी लड़कियों को स्कूटी मिलती है. छात्राओं ने 2015 में आवेदन किया हुआ है. स्कूटी के लिए आवेदन करने वाली ममता का कहना है कि 12वीं पास की थी तब स्कूटी मिलनी थी, ग्रेजुएशन के फाइनल में पहुंच गईं मगर स्कूटी नहीं मिली.

मुख्यमंत्री के पास वक्त नहीं

हालांकि अधिकारियों का अब भी यही कहना है कि बहुत जल्दी स्कूटी बांट दी जाएगी. जयपुर जिले में ही आदिवासी छात्राओं को स्कूटी बांटने के लिए करीब 550 स्कूटी खरीद ली गई, लेकिन अभी तक बांटी नहीं गई हैं.

जिला परिषद के अध्यक्ष मूलचंद मीणा कह रहे हैं कि हमने 3 बार मुख्यमंत्री को वक्त देने के लिए लिखा है, लेकिन अभी वक्त नहीं मिला है. जिला परिषद सदस्य बेनी प्रसाद कटारिया का कहना है कि 23 मार्च को लड़कियों को साथ हमने साधारण सभा में ये मामला उठाया था, तब कहा गया था कि जल्दी स्कूटी बांटी जाएंगी मगर आज तक नही बांटी गईं.

दरअसल नवंबर-दिसंबर में राजस्थान विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में राजनीति के जानकार कह रहे हैं कि बीजेपी स्कूटी बांटने के लिए भव्य कार्यक्रम कराना चाहेगी जिससे कि उसका चुनाव में सियासी लाभ उठाया जा सके. फिलहाल तो जनजातीय छात्राओं को इंतजार है कि कब मुख्यमंत्री को वक्त मिले और कब उनका स्कूटी का इंतजार खत्म हो.

Popular posts from this blog

सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण की अधिसूचना जारी 

  सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए लाए गए मोदी सरकार के बिल के पास होने के बाद इसे संवैधानिक तौर से सोमवार को लागू कर दिया गया. सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने के संबंध में सोमवार शाम को अधिसूचना जारी कर दी गई. इसके साथ ही सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का संवैधानिक प्रावधान सोमवार से प्रभाव में आ गया. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की राजपत्रित अधिसूचना के अनुसार, ‘संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार 14 जनवरी को उस तारीख के रूप में चिह्नित करती है जिस दिन कथित कानून के प्रावधान प्रभाव में आएंगे.’ संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन के साथ ही एक उपबंध जोड़ा गया है. इसके जरिए राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी वर्ग के नागरिकों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान बनाने का अधिकार देता है. गौरतलब है कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने...

भारत में एक GB डेटा कोल्ड ड्रिंक की छोटी बोतल से भी सस्ता: मोदी

जापान की यात्रा पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल क्षेत्र में भारत की 'शानदार प्रगति' की सराहना की. उन्होंने सोमवार को कहा कि देश में अब एक जीबी डेटा कोल्ड ड्रिंक्स की सबसे छोटी बोतल से भी सस्ता है. बता दें कि 13वें भारत-जापान वार्षिक सम्मेलन के लिए शनिवार को टोक्यो पहुंचे मोदी ने सोमवार को शीर्ष जापानी नेताओं के साथ कई बैठकें कीं और भारतीय समुदाय को संबोधित भी किया. समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक मोदी ने भारत में दूरसंचार और इंटनरेट नेटवर्क के विस्तार की भी सराहना की. परामर्श कंपनी ईवाई के मुताबिक 2022 तक भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था एक हजार अरब डॉलर की हो जाएगी और इससे एक करोड़ रोजगार का सृजन होगा. पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा, 'आज भारत डिजिटल अवसंरचना के क्षेत्र में शानदार प्रगति कर रहा है. गांव-गांव ब्रॉडबैंड संपर्क से जुड़ रहा है और भारत में 100 करोड़ मोबाइल फोन सक्रिय हैं.' उन्होंने एक बयान में कहा, 'एक जीबी डेटा कोल्ड ड्रिंक्स की सबसे छोटी बोतल से भी सस्ता है. डेटा सेवा प्रदान करने का साधन बन गया है.' मोदी ने ...

लाल कृष्ण आडवाणी की फोटो लगाते ही ट्रोल हो गए शिवराज सिंह चौहान

 शिवराज सिंह चौहान के वीडियो में बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी की तस्वीर की वजह से कुछ लोगों ने उन्हें ट्रोल कर दिया. वीडियो में लाल कृष्ण आडवाणी की फोटो शिवराज के ठीक पीछे रखी है जो वीडियो में प्रमुखता से दिख रही है. इसी तस्वीर को लेकर ट्विटर पर लोगों ने शिवराज से सवाल पूछने शुरू कर दिए. मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान एक फोटो की वजह से ट्विटर पर ट्रोल हो गए. दरअसल, शिवराज सिंह चौहान ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमे उन्होंने जनता को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए लिखा 'सभी देश और प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं. आज से सूर्य उत्तरायण हो जाएंगे. इस काल को पुण्य, शुभ और पवित्र काल माना जाता है. कहते हैं ये काल भगवान का काल माना जाता है. इसलिए मैं आप सब बहनों और भाइयों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं'." यहां तक तो ठीक था, लेकिन शिवराज के वीडियो में बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी की तस्वीर की वजह से कुछ लोगों ने उन्हें ट्रोल कर दिया. वीडियो में लाल कृष्ण आडवाणी की फो...