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ममता राज में हिंदू संगठन दिखाएंगे ताकत, जन्माष्टमी पर 1000 रैलियां





जन्माष्टमी के अवसर पर हिंदुत्ववादी संगठन पश्चिम बंगाल में अपनी जबर्दस्त ताकत दिखाने जा रहे हैं. विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल बंगाल के 1000 स्थानों पर रैलियों का आयोजन करने जा रहे हैं. जन्माष्टमी को भी हिंदुत्व आंदोलन से जोड़ने की कोशिश की जा रही है.

विश्व हिंदू परिषद (VHP) द्वारा राज्य में 2 और 3 सितंबर को जन्माष्टमी का उत्सव मनाया जाएगा. VHP के संगठन सचिव सचींद्रनाथ सिन्हा ने कहा, 'इन उत्सवों में हजार से ज्यादा लोगों की शोभायात्रा भी शामिल होगी जिनमें बच्चे, महिलाएं और गणमान्य लोग शामिल होंगे. हम एक हजार स्थानों पर ऐसी रैलियां करेंगे. इसके साथ ही हर ग्राम पंचायत और शहरों के ब्लॉक में पूजा भी आयोजित की जाएगी.'

सिन्हा ने बताया, 'हमने तमाम संगठनों को निमंत्रण भेजे हैं. उन्होंने हमारे निमंत्रण को स्वीकार भी किया है. वे इस अवसर पर आयोजित कला जैसी कई तरह की प्रतिस्पर्धाओं में शामिल होंगे. वीएचपी के साथ ही श्रीकृष्ण जन्म उद्यापन समिति' जैसे कई संगठन इसमें शामिल होंगे.'

सिन्हा ने कहा, 'तृणमूल कांग्रेस से हमें मदद मिलने का कोई सवाल ही नहीं है. फिर भी हमने उनके नेताओं को निमंत्रण भेजा है. कई जगहों पर पुलिस हमसे पूछताछ कर रही है और हमें रोकने की कोशिश की जा रही है. हमारे साथ पश्चिम बंगाल में अक्सर ऐसा होता है. मुझे भरोसा है कि इस बार सरकार की तरफ से कोई समस्या नहीं होगी और कुछ भी गलत नहीं होने दिया जाएगा.'

उन्होंने कहा, 'पश्चिम बंगाल में हिंदुत्व को अपमानित करने की कोशिश की जा रही है. दुर्गा पूजा, सरस्वती पूजा और यहां तक कि स्कूलों के मिड डे मील कार्यक्रम में भी समस्या खड़ी की जा रही है. हिंदुओें को एकजुट रखने की कोशिश के तहत ही इस साल बड़े पैमाने पर उत्सव मनाने की तैयारी की जा रही है.'

टीएमसी ने बताया शोबाजी

बजरंग दल के नेता सौरीश मुखर्जी ने कहा कि इस अवसर पर भगवान कृष्ण के हिंदुत्व के संदेश को पहुचाने की कोशिश की जाएगी. तृणमूल कांग्रेस के विधायक सुजीत बोस ने कहा, 'टीएमसी और इसके नेता भी हमेशा जन्माष्टमी मनाते रहे हैं, लेकिन हम ऐसा अपने विश्वास के तहत करते हैं, किसी तरह की शोबाजी के लिए नहीं.' 

  

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