मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कल यानी 28 नवंबर को मतदान होने हैं जिसमें कुछ ही घंटे बाकी हैं. चुनाव आयोग के मुताबिक मतदान के लिए सभी तैयारी पूरी कर ली गई हैं. मतदान केंद्रों के लिए मंगलवार को ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को भेज दिया गया है.
चुनाव आयोग के मुताबिक मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कुल 65 हजार 367 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. इन मतदान केंद्रों पर 3 लाख 782 मतदान कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है.
महिलाएं और दिव्यांग कर्मचारी करेंगे संचालन
खास बात ये है कि इन मतदान केंद्रों में से 3 हजार 46 मतदान केंद्र ऐसे होंगे जिसका संचालन पूरी तरह से महिलाओं के हाथों में होगा. इसके अलावा 160 पोलिंग बूथ दिव्यांग कर्मचारियों द्वारा संचालित होंगे.
मतदान पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से हो इसके लिए मतदान केंद्रों पर बड़ी संख्या में माइक्रो ऑब्जर्वर की तैनाती की गई है. चुनाव आयोग के मुताबिक मतदान केंद्रों पर 12 हजार 363 माईक्रो आब्जर्वर को भी तैनात किया गया है.
सुरक्षा की पुख्ता तैयारी
मतदान के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. विधानसभा चुनाव में मतदान के दिन कानून एवं शांति व्यवस्था के लिये केंद्रीय सुरक्षा बलों की 650 कंपनियां तैनात की गई हैं. इसके साथ ही मध्य प्रदेश के बाहर से आये 33 हजार होमगार्ड भी निर्वाचन ड्यूटी में तैनात किये गए हैं. चुनाव आयोग से जारी बयान के मुताबिक बालाघाट जिले में केंद्रीय सुरक्षा बलों की 76 कंपनियां, भिंड में 24, छिंदवाड़ा और मुरैना में 19-19, सागर और भोपाल में 18-18 कंपनियां तैनात की गई हैं.
CCTV कैमरों से मतदान केंद्रों पर रखी जाएगी नजर
प्रदेश के 85 प्रतिशत पुलिस बल तथा होमगार्ड के 90 प्रतिशत बल चुनाव कार्य में तैनात किए गए हैं. यही नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए बालाघाट, मंडला और भोपाल में एक-एक हेलीकॉप्टर भी तैनात रहेंगे. इसके अलावा संवेदनशील मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग और सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था की गई है. वेबकास्टिंग के जरिए 6 हजार 655 मतदान केंद्रों पर लाइव प्रसारण और 6 हजार 400 मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी. इसके जरिए असामाजिक तत्व, मतदान प्रक्रिया को बाधित करने वाले पोलिंग एजेंट और फर्जी वोटर जैसे व्यक्ति निगरानी में रहेंगे.