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मध्य प्रदेश में किसका खिलेगा कमल, जनता आज करेगी फैसला









मध्य प्रदेश विधानसभा की सभी 230 सीटों के लिए आज वोटिंग होनी है. चुनाव आयोग के मुताबिक 227 विधानसभा क्षेत्रों में सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक वोट डाले जाएंगे, वहीं बालाघाट जिले की तीन नक्सल प्रभावित विधानसभा सीटों पर सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक ही मतदान होगा. राज्य के कुल 5 करोड़ मतदाता करीब 3 हजार उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करने जा रहे हैं.

राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वी एल कांता राव ने बताया कि इस चुनाव के लिए 1,094 निर्दलीय उम्मीदवारों समेत कुल 2,899 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें से 2,644 पुरूष, 250 महिलाएं और पांच ट्रांसजेंडर शामिल हैं. उन्होंने बताया कि पूरे राज्य में 65,367 मतदान केंद्र बनाये गए हैं.

राज्य में 17,000 मतदान केन्द्र संवेदनशील घोषित किये गये हैं, जहां केन्द्रीय पुलिस बल और वेवकास्टिंग के साथ माइक्रो पर्यवेक्षक भी तैनात किये गये हैं. सभी मतदान केन्द्रों पर मतदान के लिये EVM के साथ वीवीपैट का इस्तेमाल किया जाएगा. राव ने बताया कि राज्य में शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए 1.80 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किये गये हैं, जिनमें केन्द्रीय और राज्य  के सुरक्षाकर्मी शामिल हैं.

किसका खिलेगा कमल?

मध्य प्रदेश में इस बार भी मुख्य रूप से बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुकाबला होने की उम्मीद है. हालांकि, प्रदेश में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रही आम आदमी पार्टी (AAP) का दावा है कि वह दिल्ली वाली अपनी सफलता को राज्य में दोहराएगी, जहां 2015 के विधानसभा चुनाव में उसने कांग्रेस और बीजेपी का सूपड़ा साफ कर दिया था.

बीजेपी ने सभी 230 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि कांग्रेस ने 229 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं और एक सीट अपने सहयोगी शरद यादव के लोकतांत्रिक जनता दल के लिये छोड़ी है. राज्य में आम आदमी पार्टी 208 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, बीएसपी 227, शिवसेना 81 और सपा 52 सीटों पर चुनावी मैदान में है.

चुनाव मैदान में खड़ी कई चिल्लर पार्टियां प्रदेश के मुख्य दलों बीजेपी और कांग्रेस के लिए सिर दर्द बन गई हैं, क्योंकि ये इनकी जीत को हार में बदलने में अहम भूमिका अदा कर सकती हैं.

इस अहम चुनाव में विपक्षी दल कांग्रेस कमलनाथ की अगुवाई में पिछले 15 साल से सत्तारूढ़ बीजेपी को उखाड़ने की कोशिश कर रही है जबकि शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई में बीजेपी ने लगातार चौथी बार प्रदेश की सत्ता में आने के लिये अबकी बार 200 पार सीटों का लक्ष्य तय किया है. राज्य में किसका कम खिलेगा इसके लिए कुछ दिन का इंतजार करना होगा क्योंकि वोटिंग के नतीजे 11 दिसंबर को आएंगे.

सुरक्षा की पुख्ता तैयारी

मतदान के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. विधानसभा चुनाव में मतदान के दिन कानून एवं शांति व्यवस्था के लिये केंद्रीय सुरक्षा बलों की 650 कंपनियां तैनात की गई हैं. इसके साथ ही मध्य प्रदेश के बाहर से आये 33 हजार होमगार्ड भी निर्वाचन ड्यूटी में तैनात किये गए हैं. चुनाव आयोग से जारी बयान के मुताबिक बालाघाट जिले में केंद्रीय सुरक्षा बलों की 76 कंपनियां, भिंड में 24, छिंदवाड़ा और मुरैना में 19-19, सागर और भोपाल में 18-18 कंपनियां तैनात की गई हैं.

दिव्यांग कर्मचारी भी करेंगे संचालन

खास बात ये है कि इन मतदान केंद्रों में से 3 हजार 46 मतदान केंद्र ऐसे होंगे जिसका संचालन पूरी तरह से महिलाओं के हाथों में होगा. इसके अलावा 160 पोलिंग बूथ दिव्यांग कर्मचारियों द्वारा संचालित होंगे. मतदान पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से हो इसके लिए मतदान केंद्रों पर बड़ी संख्या में माइक्रो ऑब्जर्वर की तैनाती की गई है. चुनाव आयोग के मुताबिक मतदान केंद्रों पर 12 हजार 363 माइक्रो आब्जर्वर को भी तैनात किया गया है.